facebook friendship के बारेमे रोचक जानकारी

Computer आने से पहले Windows का अर्थ बारी माउस का अर्थ चूहा होता  और friend का अर्थ मित्र होता था लेकिन facebook के ज़माने में friend यानि request भेजना या फिर सामने वाले की request स्वीकारना और ईस तरह से संपर्क आना वो. ऐक पुराणी पंक्ति में  "ताली मित्रो " और "शेरी मित्रो "ऐसे दो विभागों में विभाजित कर दिया है."बचपन के मित्र" काफी पोपुलर हे.रजनी कुमार पंड्या जेसे लेखाकोने भाई बंधी जेसे word का भी उलेख किया हे फिर भे इन सबने नये आने वाला और अभी सबसे ज्यादा यूज होने वाला  Facebook Friend है.

दोस्ती क्या होती है 
सुभाषित के मुताबित सच्चे दोस्त लाखो मे ऐक होता हे लेकिन facebook पे दोस्त कम से कम 5000 होते होंगे आम तोर पर पूरी लाइफ में 5000 direct लोगो को हम मिल भी नहीं सकते या इतने सारे लोगोसे एकसाथ संपर्क भी नहीं कर सकते ऐसे time में 5000 दोस्तों को मिलना बहुत ही अच्छा हे लेकिन ऐक हकीकत भी है,वेसे भी facebook पर friend शब्दकी अर्थछाया विशाल  होती हे जिसे में समान विचार ओर एक जेसी trend  होती हे . पहचान वाले ओर असली (offline)दुनिया के दोस्त आप के typing photos video उसमे रस धरानेवाले, हर रोज online रहने वाले यानि कभी भी off  न होने वाले, like के बदले ले में like देने वाले प्रशंसा के बदले में प्रशंसा करने वाले से लेकर हेरान करने वाले भी friend  होते हे ओर इसके साथ साथ ऐसे friend होते हे जिनको unfriend नही बल्कि block करना पड़ता हे यानि विदाई से काम चलाना नहीं पड़ता पर उसका मुह का दरवाजा भी बंध करना पड़ता हे.

facebook पर  friend की दुनिया काफी funny हे.ईसकी fun moment काफी time से चली आ रही हे .Facebook पे 5000 दोस्त होने के बावजूद भी असली दुनिया की जरुरत पड़ती हे ख़राब  time में केवल कौवा ही उड़ते हे कोय भी fiends के बच्चे  भी नहीं दिखाय देते.ऐसा में हास्य पैदा होता हे.ऐसे समय में आप थोड़ी घमभिरता से  सोचिये की friend शब्द की घेर उल्घन हुवा  है,5000 छोड़ो 500 के 100 लोग भी साथ नहीं देते बस वो तो like लेने कोही सम्रुदी मानते है ऐसे में कुछ हास्य जेसा बनता है,इसका friendlist मेरे friend लिस्ट से कम हे ऐसे विचार वाले लोग जायदा हे लेकिन facebook पे उसकि लम्बाई से जायदा उसका महत्व जरुरी है. हरवक्त new दोस्तों की खोज करना नहीं.

Real में सभी  friend ऐक जेसे नहीं होते,"हरेक friend जरुरी होता हे "जेसी जाहेंर खबर में कितने भी मित्रोचार करने को आये bt ताली मित्रो और  शेरी मित्रो के उपरांत खास मित्र अंगत मित्र खासमखास मित्र जेसे अनेक प्रकार के लोग अपनी समज के मुताबित नाम देते हे,कुछ मित्र काफी नजिक होते हे कुछ थोड़े दूरके होते हे और कुछ तो कुछ time केलिए होते हे अगर रियल लाइफ में ऐसा होता है तो facebook में क्यू नहीं, facebook पे तो 4 -5 लोगो से बात होती हे फिर कुछ गेर समज होती है और फिनिश.
facebook के माध्यम से होने वाले दोस्त की मर्यादा के बारेमे कई तथ्य है सामान्य तोर पर internet यानि social media facebook के बारे में लोगो का कहना हे की facebook से लोगो के भी समंध बन रहे हे bt वो गलत है एकदूसरे से दूर जा रहे हे ऐ बात सही हे bt कोय उसे accept नहीं कर रहा मतलब सामने नहीं आ रहा हे, facebook पर time पास से लेके selebriti से लोग मिलते हे और लेकिन कुछ ऐसे भी दोस्त मिलते हे जो facebook के बिन असंभव हे और उनके बिना अधुरा लगे अब आप भी बताये आपको क्या सही लगता है

अब पोस्ट यहाँ ख़तम करता हु आगेकी जानकारी next पोस्ट में मिलेगी आपको ऐ जानकारी अछि लग रही हेतो share करे   

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